आतंकी संगठन का नेटवर्क खड़ा करने की थी साजिश, दो आरोपी 18 और 19 वर्ष के; ATS की पूछताछ जारी।
अहमदाबाद। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ संदिग्ध आतंकियों को गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार सभी आरोपी गुजरात में संगठन का सक्रिय नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे भविष्य में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो युवक मात्र 18 और 19 वर्ष के हैं। सभी संदिग्धों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनका संपर्क किन लोगों से था और इन्हें किस स्तर पर निर्देश मिल रहे थे।
ATS अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई राज्य में आतंकी नेटवर्क को मजबूत होने से पहले ही रोकने की दिशा में बड़ी सफलता है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य संभावित संदिग्धों की भी जांच की जा रही है।

क्या है जैश-ए-मोहम्मद?
जैश-ए-मोहम्मद (JeM) पाकिस्तान आधारित एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 2000 में आतंकी मसूद अजहर ने की थी। इस संगठन पर भारत सहित कई देशों में आतंकवादी हमलों की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने के गंभीर आरोप हैं।
संगठन का मुख्यालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में बताया जाता है, जहां से इसके प्रशिक्षण शिविर और आतंकी नेटवर्क संचालित किए जाने की जानकारी सामने आती रही है।
मसूद अजहर की रिहाई कैसे हुई थी?
मसूद अजहर को वर्ष 1994 में जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के बाद बंधकों की सुरक्षित रिहाई के बदले भारत सरकार को उसे रिहा करना पड़ा था। इसके बाद उसने पाकिस्तान जाकर जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की।
जांच जारी
गुजरात ATS पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। एजेंसियां आरोपियों के डिजिटल उपकरण, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क कितना व्यापक था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
नोट: यह खबर प्रारंभिक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ एजेंसियों की ओर से नए तथ्य सामने आ सकते हैं।



