उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के दुर्लभ महासंयोग पर धर्मनगरी उज्जैन में आस्था का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। बाबा महाकाल के साथ-साथ साल में केवल एक बार 24 घंटे के लिए खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे। दर्शन के दौरान हरसिद्धि मंदिर के पास बैरिकेडिंग क्षेत्र में भीड़ का अत्यधिक दबाव बनने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें 13 श्रद्धालुओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने तुरंत स्थिति संभालते हुए प्रभावित लोगों को उज्जैन जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में सभी का उपचार जारी है।
प्रमुख बिंदु:
- आस्था का महाकुंभ: अब तक करीब 5.50 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि नागचंद्रेश्वर मंदिर के प्रवेश मार्ग पर 40 हजार से अधिक लोग कतारबद्ध हैं।
- एक साथ तीन बड़े पर्व: सावन सोमवार, नागपंचमी और शाम 4 बजे निकलने वाली बाबा महाकाल की तीसरी शाही सवारी के चलते शहर में 10 लाख से अधिक भक्तों की आवाजाही का अनुमान है।
- अस्पताल में भर्ती प्रभावित श्रद्धालु: प्रभावितों में बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए श्रद्धालु शामिल हैं:
- सागर (15 वर्ष, किसनपुरा)
- सजीव नोनू चौधरी (36 वर्ष, दरभंगा, बिहार)
- खुशी (20 वर्ष, ग्वालियर)
- हरीशचंद (26 वर्ष, गुजरात)
- तुलसी (15 वर्ष, गुजरात)
- जय (12 वर्ष, गुजरात)
- लखन गोविन्द
- सोनम सिंह सहित अन्य
प्रशासनिक मुस्तैदी
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, तीन विशाल धार्मिक आयोजनों के एक साथ होने के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।







