पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार को तीन बड़े औद्योगिक विस्तारों की सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लियुगोंग इंडिया, एटीएफसी टेक्नोफैब और किसान इरिगेशन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की नई औद्योगिक इकाइयों और विस्तार कार्यों का लोकार्पण किया। तीनों प्रोजेक्ट्स में 452 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे एक हजार से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे।

सरकार का दावा है कि इन निवेशों से पीथमपुर में निर्माण उपकरण, रेलवे कोच पार्ट्स और आधुनिक सिंचाई उत्पादों के निर्माण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा- मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए तेजी से सबसे भरोसेमंद राज्यों में शामिल हो रहा है। निवेशकों को बेहतर अधोसंरचना, सरल प्रक्रियाएं और अनुकूल नीतियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सीएम ने कहा- पीथमपुर अब केवल ऑटोमोबाइल हब नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग, फार्मा, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां लगातार नए निवेश आ रहे हैं। इस मौके पर सबसे ज्यादा चर्चा लियुगोंग इंडिया के विस्तार की रही। चीन की वैश्विक निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी साल 2008 से पीथमपुर में काम कर रही है। पहले कंपनी 44 एकड़ में स्थापित संयंत्र से सालाना तीन हजार व्हील लोडर और मोटर ग्रेडर बनाती थी, लेकिन अब नए विस्तार के बाद उसकी उत्पादन क्षमता बढ़कर 7500 मशीन प्रतिवर्ष हो जाएगी। एक्सकेवेटर और बुलडोजर भी नई तकनीक से बनेंगे

चीनी कंपनी का अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और प्रशिक्षण केंद्र

भी यहीं संचालित होता है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर कार्यरत हैं। नए विस्तार से एक्सकेवेटर समेत निर्माण उपकरणों का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता घटेगी। पहले घोषित योजना के अनुसार कंपनी ने करीब 20 एकड़ में नया विस्तार विकसित किया है, जिससे देश में बढ़ती इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की मांग पूरी करने में मदद मिलेगी

रेलवे कोच और ऑटोमोबाइल पार्ट्स होंगे तैयार

बुधवार को लोकार्पित दूसरे बड़े निवेश के तहत एटीएफसी टेक्नोफैब ने अपने दूसरे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की शुरुआत की। यहां रेलवे कोच और ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए पार्ट्स तैयार किए जाएंगे। वहीं किसान इरिगेशन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने पीथमपुर में अपनी पांचवीं आधुनिक इकाई शुरू की है। यहां डब्ल्यूवीसी, ओ-पीवीसी, पीपी साइलेंट पाइप सहित आधुनिक सिंचाई और पाइपिंग उत्पाद बनाए जाएंगे।

यहीं से तैयार हुआ था पहला ‘मेड इन इंडिया’ व्हील लोडर

पीथमपुर पहले से देश के सबसे बड़े औद्योगिक क्लस्टरों में शामिल है। यहां ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और फार्मा सेक्टर की सैकड़ों इकाइयां संचालित हैं। लियुगोंग के विस्तार की खास बात यह है कि कंपनी ने वर्ष 2009 में यहीं से पहला ‘मेड इन इंडिया’ व्हील लोडर तैयार किया था। अब उत्पादन क्षमता ढाई गुना बढ़ने से स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को भी नए ऑर्डर मिलने की संभावना है। निर्माण उपकरणों की बढ़ती मांग के बीच यह विस्तार पीथमपुर को देश के प्रमुख कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत करेगा। इसके साथ रेलवे उपकरण और सिंचाई उत्पादों के निर्माण में बढ़ोतरी से औद्योगिक क्षेत्र का सेक्टर-आधारित विविधीकरण भी होगा, जिससे भविष्य में और निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

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