यहीं से हो रहा ट्रैफिक डायवर्ट, अंडर पास के पास रेलवे ने बनाया हौद पर खेतों का पेंच फंसने से फोरलेन नाले तक नहीं पहुंचेगा पानी
इंदौर-दाहोद रेलवे परियोजना के तहत नागदा-गुजरी मार्ग पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के कारण इन दिनों पूरा यातायात सुनारखेड़ी अंडरपास से डायवर्ट किया जा रहा है। लेकिन मानसून के बीच यही डायवर्ट मार्ग अब फिर खतरे का कारण बनता नजर आ रहा है। तेज बारिश के दौरान अंडरपास में पानी भरने की आशंका को देखते हुए रेलवे ने यहां चेतावनी बोर्ड लगा दिया है।
बोर्ड पर लिखा है, ‘यदि पुल में पानी भरा हो तो अंदर से न जाएं। ‘ यानी खतरे की आशंका को रेलवे भी स्वीकार कर रहा है। चिंता की बात यह है कि यदि रात के समय अचानक तेज बारिश हुई और कुछ ही देर में अंडरपास में पानी भर गया, तो वाहन चालकों के लिए बड़ा हादसा हो सकता है।
रेलवे ने अंडरपास के पास पानी जमा होने से रोकने के लिए मानसून से पहले एक हौद (संप) का निर्माण शुरू कराया था। योजना थी कि बारिश का पानी इसमें एकत्र होगा। फिर उसे फोरलेन के नाले में छोड़ा जाएगा। हौद का निर्माण तो हो गया, लेकिन किसान अपने खेतों के बीच से पानी निकलने देने को तैयार नहीं हैं। इस हैं। इस वजह से पानी फोरलेन के नाले तक नहीं पहुंच पाएगा। ऐसे में रेलवे ने प्लान-बी के तहत हौद में मोटर लगाकर अस्थायी व्यवस्था की है। लेकिन लगातार और तेज बारिश होने पर यह व्यवस्था कितनी कारगर रहेगी, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पिछले साल दो-तीन दिन तक बंद रहा था रास्ता…
रेलवे ने वर्ष 2025 में इस अंडरपास से आवागमन शुरू किया था। लेकिन निर्माण के दौरान जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। पहली ही बारिश में अंडरपास पानी से भर गया था। हालात ऐसे बने कि दो से तीन दिन तक यहां से आवागमन पूरी तरह बंद करना पड़ा। इसके बाद रेलवे ने जल निकासी के लिए नई योजना बनाई। रेलवे ने दावा किया था कि अगले मानसून में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी। हालांकि प्रस्तावित व्यवस्था में किसानों की आपत्ति अब भी बड़ी बाधा बनी हुई है। आसपास के किसानों का कहना है कि वे अपने खेतों के बीच से पानी की निकासी नहीं होने देंगे।



