एक ओर पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई तो दूसरी ओर धार में भी जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली। सांवरिया सेठ मंदिर समिति द्वारा आयोजित इस यात्रा में भक्तों में उत्साह देखते ही बना। भक्तों के लिए यह मौका खास था क्योंकि उन्हें भगवान का रथ खींचने का मौका मिला। यात्रा को 4 किमी की दूरी तय करने में 5 घंटे से अधिक समय लगा। रथ के आगे रास्ते को भक्तों ने बुहारा।


शहर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकली। मोतीबाग चौक स्थित ज्योति मंदिर के यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व बहन सुभद्रा के विग्रह को रथ में विराजित किया। आरती के बाद रथ को खींचने के लिए हर कोई आतुर नजर आया। महिलाओं ने रथ के आगे-आगे रास्ते को बुहारा। वहीं भजन मंडलियां हरे कृष्णा, हरे राम की धुन पर नाचते हुए चली। भगवान जगन्नाथ की एक झलक देखने व स्वागत के लिए शहरवासी इंतजार करते नजर आए। देर शाम त्रिमूर्ति स्थित सांवरिया सेठ मंदिर यात्रा पहुंची तो यहां छप्पन भोग लगाकर महाआरती की गई।
रस्सा खींचने के लिए श्रद्धालुओं में रही होड़
4 किमी की यात्रा मार्ग पर 20 से अधिक मंच लगाए थे। जहां सामाज के लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान पूरा शहर जगन्नाथ के जयकारों से गुंजायमान रहा। मार्ग पर पूरे रास्ते महिलाओं से लेकर युवतियां व युवकों भगवान के गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति प्रस्तुति देते चल रहे थे। इधर देर शाम को जब यात्रा का समापन हुआ इसके बाद सावरिया मंदिर में महाप्रसादी का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की


हर किसी ने किया इंतजार…
यात्रा में हर किसी को भगवान के रथ का रस्सा खीचने का इंतजार था। निर्धारित मार्ग पर जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई इसी के साथ रस्सा खींचने के लिए भी भक्तों की संख्या बढ़ती गई। भक्तों को लंबे इंतजार के बाद रस्सा खींचने का मौका मिला।



